Tuesday, December 9, 2014

Mausam

"ये चाहत, ये वादों का मौसम है, चले आओ! ये यादों का मौसम है!! जवां दिलों की ईश्कियां बातों का मौसम है, ये सर्द रातों में उमड़ते जज्बातों का मौसम है!! ये चुपके से मिलते दो हाथों का मौसम हैं, ये मोहब्बत में पहली बरसातों का मौसम हैं!! ये शब भर फोन पर होती बातों का मौसम है, ये महबूब के सताते ख्वाबों का मौसम हैं!! ये इश्क़, मोहब्बत, चाहतों का मौसम हैं, चले आओ! ये फिर से मुलाकातों का मौसम हैं!!" :-Siddhant #Simplysiddh

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